पेट्रोल के शतक से ज्यादा 

अश्विन के शतक के चर्चे है

सब चुप है डीजल के बढ़ते दामों पर

मुद्दा गौण है और विपक्ष बस बांट रहे पर्चे है


सत्ता वाले तो मैनेजमेंट के किंग है

लेकिन विपक्ष को नजर आ रहा बस "फिशिंग" है..


हां आवाज उठेगा जब एजेंडा सेट होगा

"आंदोलनजिवी" जगेंगे जब "टीवी" पर आने का

प्रोग्राम "परफेक्ट" होगा...