सुनो ओ दूधिया रौशनी में डूबे, वंशवाद के दानव

हमसे न टकराव, लपेट के दो लगाएंगे तुरंत बन जाओगे मानव।


जब से दुनिया बनी है तुम दबा रहे हो

इतने जुल्म ढा रहे हो, फिर भी पटके जा रहे है।


कभी क्षेत्रवाद के कारण, कभी छोटे शहर वाले के काम पर

तुम अपनी ज़मीर बेच रहे हो, नेपोटिज्म के नाम पर।


बाप दादाओं के नाम से कमा रहे हो,और अकड़ हमे दिखाओगे

बताए नाम अपने पुरखो कि, सुनते ही पसीने पसीने हो जाओगे।


माफिया, अंडरवर्ल्ड के पैसे पे बैठ के इतराते हो

और प्रतिभा से चमकने वाले को धमकाते हो।


तुम्हारे तथाकथित एस्टारो के किए गए कुकर्मों की गिनती करवाए हम..

कोई हत्यारा है, कोई गुंडों का दुलारा है, सबके कारनामों के बोर्ड टंगवाए हम..


तुम कितना डराओगे, अबे कितना सताओगे

जड़े हमारी इतनी गहराई तक मिटटी में गड़े है, हमे मिटाते मिटाते

खुद मिट जाओगे


समय आ गया है अब तुम्हारी गुटबाजी पे ताला जड़ दिया जाए,

बंद करो ये प्रतिभा के नाम पर चचा के बच्चा की नौटंकी,

चोट इस बार इतनी गहरी दिए हो कि

 दिल कर रहा है बस तुम्हे रगड़ दिया जाए

   ~अमन