जिद
दरख्वास्त है मेरी तुमसे
यूं जाओ ना
इंतज़ार कब तक करेंगे
जरा बताओ ना।
गलतियों को जिद
ना बनाओ ना
रूठने पर किसे मनाऊंगा
जरा समझाओ ना।
अगर न आता कुछ तो
सिखाओ ना
इतनी क्यों खफा हो
जरा हंस के दिखाओ ना।
मोहब्बत इतनी करती हो हमसे
तो ठहर जाओ ना
मेरा दिल तुम्हे ही ढूंढ़ता है
यही आशियाना बनाओ ना।
~अमन


