सागर के तट पर गर्मी का मजा लीजिए
चुनौती लेनी हो तो, इश्क़ का सजा लीजिए
खौफ़ हमसफ़र के जाने का किसे है
गर चल जाए तो फिर गांजा पीजिए
दिल देना गुनाह है तो हरदफा दीजिए
इश्क़ सच्चा है तो फिर वफ़ा कीजिए
धोखे से डर लगता है तो तौबा कीजिए
दर दर धोखे मिलेंगे यहां, बस मौका दीजिए...
हज़ार आशिक़ तबाह हो गए,गर शक है तो
एक बार आप भी आशिक़ी कर के देख लीजिए...
~अमन


