कुछ किस्से तरन्नुम के सुनाने थे

बैठों तो दिल के राज बताने थे..


कहानी डूबे हुए हमराज के है

जिनके सनम के पास ना मिलने के बहाने थे..


लुटाए खूब सारी बातें हया की

और जज़्बात से इश्क़ भी बचाने थे..


मुकद्दर समझ के इज़हार किया हमने

उन्हें सपने दिखाके, राज़ छिपाने थे..


आजमानें से चाह बढ़ गई हमारी

हमें तो बस इश्क़ कमाने थे..