इंतज़ार अब कितना किया जाय
चलिए इश्क़ छोड़, नशा किया जाए..
कहने को बहुत आशिक़ है उनके
कतार लंबी है कहके, मामला रफा दफा किया जाए..
गमजदा होकर गुमसुम क्यूं हुआ जाए
हसीं सपना था सोचकर त्याग दिया जाए..
तकलीफ़ तो उनको भी हुई होगी लेकिन
अब जाने वाले को जाने ही दिया जाए..
हमें सजा मिले उनकी ख्वाइश-ए-जिन्दगी है
फौत कर जाय हम, यही सजा मुकर्रर की जाए..


