आरंभ है प्रचंड

दुश्मनों के हाथो में है कंटीले डंड

गीदड़ो पे है उसे घमंड

तोड़ देंगे उसका ये पाखंड


आखे बंद करके देखते हो

पहाड़ों से पत्थर तुम फेकते हो

जब दहाड़ते हिन्द के शेर है तो

तुम मत्था अपना टेकते हो


काल्पनिक ड्रैगन का हमे 

न दिखाओ कोई डर

श्री राम के वंशज है

 कर देंगे कलम सर


समझौते की आड़ में तुमने आघात किया

जब लड़ना हैं क्यों मुलाकात किया

हिन्दी चीनी भाई भाई का नारा देकर

हमेशा तुमने विश्वाघात किया


इस बार प्रतिघात हमारा होगा

अदभुत सैन्य शक्ति का नजारा होगा

अर्थव्यवस्था पर भी चोट करेंगे ऐसा

की पूरा विश्व बाज़ार हमारा होगा

       ~ अमन