सबकी नज़र है बजट पर

हमारी सरकारी गैजेट पर

हमें ना आता समझ ये करोड़ों

रुपए की लेनी - देनी

कुछ को तो बुझाता नहीं

निर्मला जी की आर्थिक कहानी..


जो आज अर्थशास्त्र के ज्ञाता है

वो कल किसानों के भ्राता थे

इनवर्टेड कॉमा में "आर्थिक सलाहकार" लिखते है

पैसों के लिए एज ए "रक्षा विशेषज्ञ" भी बिकते है..


सबका अपना अपना खेल चल रहा है

लेफ्ट राइट करके, नज़र मे आ जाए गिद्धों का

इसलिए एकदम ठेलम ठेल चल रहा है..


एजेंडा सबका सेट है , 

निर्दोष जनता है, बाकी सब "लेट" है 

अपनी फ़िल्म को सब "बाहुबली" बता रहे है

लेकिन सबकी कहानी एकदम"बॉम्बे वेलवेट" है..