सितम सितारों का जहां लूटेगा

हम टूटे हुए हो फिर भी ज़माना लूटेगा

रख दो कलेजे को हथेली में उसकी

फिर भी तुम्हारा इश्क़ तुम्हे ही लूटेगा..


अपने बर्बादी का तुम 

क्या कथा सुनाओगे

कैसे कैसे बर्बाद हुए, 

कैसे पटकथा सुनाओगे

लोगों के जख्म हरे होते है, 

यहां रंगीन किए गए है

ख़ुशी के नाम पर

 जिंदगी गमगीन किए गए है..


आशिक़ थे , अब 

उसका भी गम ना रहा

हमें जान जान कहे 

वो सनम ना रहा

कैसे लिखें कुछ भी, 

अब अश्कों वाला 

 कलम भी ना रहा

साजिश ऐसा हुआ कि, 

हमारे जख्मों का

 मरहम भी ना रहा..

~अमन