"माँ जैसा दूसरा क्या हो सकता है या नहीं हो सकता है "'s image
529K

"माँ जैसा दूसरा क्या हो सकता है या नहीं हो सकता है "

 प्रेम के दृश्य सुंदर तो देखे कई,

प्रेम में दृश्य सुंदर तो देखे कई, 

माँ की ममता से ऊपर कोई भी नहीं।

माँ का करुणा भरा सा है जो मृगनयन, 

आजतक कोई दूजा नयन ही नहीं।। 


माँ के पायल सी कोई, दिव्य झंकार हो

वो आभूषण अभीतक बने ही नहीं।

 

Tag: poetry और7 अन्य
Read More! Earn More! Learn More!