दर्द ना जाने कब हद से पार हो गया
जैसे कोई बेवफा खंजर दिल के पार हो गया
मेरी मोहब्बत को aajmayso की तराजू पर तौला गया
जैसे मेरा इश्क नहीं कोई व्यापार हो गया
दो मिनट कहा था तुमने अब तो बरसों का इंतजार हो गया
तेरे ना कहने से क्या होता है तेरे ना बोलने सेही इंकार हो गया
कोई आए मेरा दिल तोड़े ये मुमकिन नही है अब
जख्म सह सह कर मैं भी समझदार हो गया
ये क्या massla है या कोई जहर भरा है तेरे जिस्म में
आज कोई एक और पंछी बीमार हो गया
तेरी याद आती है तो नए जख्म उभर आते है
जैसे कोई बेवफा खंजर दिल के पार हो गया


