Poetry 1 min read 620.7K reads

हिंदी हूँ मैं ,


विभिन्न प्रांत की भाषा से कर समागमसंस्कृत के गर्भ से हुआ मेरा जन्म ,

हिन्द के मस्तक की बिंदी हूँ मैंराष्ट्रभाषा से सम्मानित हिंदी हूँ मैं ,

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