मंदिर कहता है, मैं हिन्दू हूं,
मस्जिद कहता है, मैं मुस्लिम हूं,
मगर ये संविधान क्या कहता है?
हम युही लड़ते रहे,
अपने अपने रूतबे के लिए,
किसी को पता है गीता-कुरान क्या कहता है?
हम घरों में ढेरों मस्तियां कर रहे,
महामारी में भी, किसी ने सुना,
देश का जवान क्या कहता है?
लाल और हरे रंग,रंग ही है,
जरा देखो तो,
राष्ट्रगान क्या कहता है?
चीख आज भी मुनासिब है गलियों को,
हरवक्त नारे बेहिसाब है,जबाब दो,
हिन्दुस्तान क्या कहता है?
-आलोक रंजन


