अब दौड़ के भी पहोंचेगा तो मंजिल का नशा नहीं मिलेगा, जो खो चूका है उसे फिर पा  कर मज़ा नहीं मिलेगा.   टूट जाते है जाम तो बिखर जाते है, फर्श पे गीरी शराब से नशा नहीं मिलेगा.   जो रह गए अधूरे वो सपने रहने दे 'काफ़िर ', बरसो बाद भी जो अधुरा था  वो पूरा नहीं मिलेगा.   जिसका इश्क सच्चा है वो ये जान ले ठीक से, तुझे ज़िन्दगी भर इश्क पुरे का पूरा नहीं मिलेगा.   यूँ तो पुरी दुनिया भरी हुई है कई खुदाओ से, मगर जहाँ ज़रूरत होगी खुदा की वहां एक भी नहीं मिलेगा.