ना बनो किसी बेसहारा के आंसुओं कि वजह,
उसके निकलते हुए आंसुओं को भी पोंछ दो,
ना करो उस पर जालिमों जैसा ज़ुल्म
वो भी किसी के दिल का टुकड़ा है,
ना तोड़ो किसी के सपनों को
जज़्बात उसके दिल में भी शामिल हैं,
हर किसी का दर्द समझो अपने दर्द की तरह ही
आखिर वो भी तुम्हारी तरह एक इन्सान है।


