Poetry 1 min read 608.6K reads

आकाशगंगा


1.देखी थी उस रात जो आकाशगंगा,एक दिन जब उनसे मिला तोवो ही आकाशगंगा उनके नयन में पाई

2.आपके परितारिका में आकाशगंगाएं परिक्रमा करती ना जाने कितनी दफ़ा देखी हैं मैंने

Read more Earn more Learn more