वफ़ा की राह में चल रहे हो। वफ़ा जानते हो क्या।। है उस गली में पुराना मकान। मकान वही, उसे पहचानते हो क्या।। सुना होगा तुमने मेरी मोहब्बत के चर्चे। चर्चे वही, हकीकत मानते हो क्या।।

-अलबेला