यूँ इशारे में कुछ कहा है क्या

मेरे बारे में कुछ सुना है क्या


अब तो कुछ भी समझ नहीं आता

दिल किसी बोझ से दबा है क्या


रास्तों में बड़ी उदासी है

हादसा फिर से हो गया है क्या


अब दरीचे पे तुम नहीं आती

अब तुम्हे देखना मना है क्या


दूर जाने की बात करते हो

सच कहो मन बना लिया है क्या