दीवारों से और घरों से बातें कर
फ़ुर्सत हो तो हम जैसों से बात कर
तेरे जानिब इतनी ज़्यादा हिम्मत है
तो चल उसके सुर्ख़ लबों से बातें कर
अगर कुआँ है तो फ़िर मेरी प्यास बुझा
दरिया है तो मल्लाहों से बातें कर
इतना ज़्यादा शर्मीला–पन ठीक नहीं
उससे कह देना लड़कों से बातें कर
