जा रहे हो मुल्क की सरहदों की हिफाज़त के लिये

खुद भी रहना महफूज़ और तुम अपना खयाल रखना

जान पर तुम्हारे वतन का हक है पहला पहला

मगर दूसरा है हमारा इस बात का भी जरा खयाल रखना

तुम्हारी हुंकार से कांप उठे दुश्मन का कलेजा और दिल

रखना जोश इतनाअपने दिल में,खून में इतना उबाल रखना

करना नाम रोशन अपनी यूनिट का.चाहे जीना या मरना

गर मरो तो इस शान से कि मरने की नई मिसाल रखना

जब सरहदों पर चलें गोलियां तो तुम बेखौफ जबाब देना

खुद को तो बचाना ही पर साथियों का भी खयाल रखना

तुम रखना हमेशा गले में डाल, जो ताबीज मैंने दिया है वर्दी की जेब में मेरी फोटो भी हमेशा अपनी डाल रखना

जब भी तुम जाते हो छुट्टी के बाद ,लौटकर ड्यूटी पर

तुम्हें देख पाऊंगी या नहीं दोबारा, ये डर सताता है

आना कभी तिरंगे मे लिपटकर तो इस तरह कि हो फक्र हमें

दे जमाना तुम्हारी हमेशा मिसालें बस इतना याद रखना

भूल ही जाते हैं लोग कुछ दिनों में कैसी भी हो शहादतें

रह जाता है जिक्र बस किताबों और अफसानों में

कोई बात नहीं है तो ये दस्तूर जमाने का, तुम तो निभाना

फर्ज अपना वतन के लिए मिलेगा या नहीं कुछ तुम्हारे बाद

तुम्हारे बीबी बच्चों को इस बात का न कोई मलाल रखना

गर तुम लौटकर न आये हमेशा के लिए, मुश्किल तो होगी

तनहा जिंदगी गुजारनी पर गुजार लूंगी मैं किसी तरह

तुम्हारी यादों के सहारे ,मेरी यादों में बस तुम्हीं बसोगे

मेरे दिल में रहोगे तुम जिंदा, जाते वक्त ये ही खयाल रखना