तुम्हें देखता हूं किसी और नजर से मैं
तुम्हें जानता हूं किसी और तरह से मैं।
तुमसे वाकिफ़ इतना नहीं हूं मगर
जानता हूं तुम्हें अच्छी तरह से मैं।
चलने का अंदाज वैसे तो जुदा है मेरा, लेकिन
तेरी गली से गुजरता हूं किसी और तरह से मैं।


तुम्हें देखता हूं किसी और नजर से मैं
तुम्हें जानता हूं किसी और तरह से मैं।
तुमसे वाकिफ़ इतना नहीं हूं मगर
जानता हूं तुम्हें अच्छी तरह से मैं।
चलने का अंदाज वैसे तो जुदा है मेरा, लेकिन
तेरी गली से गुजरता हूं किसी और तरह से मैं।