कुछ तुम हमको कहो ,कुछ हम तुमको कहें

कुछ तुम हमको सुनाओ ,कुछ हम तुमको सुनाये

कुछ तुम हमसे सवाल करो,कुछ हम तुमसे सवाल करें

न तुम किसी सवाल का जबाब दो,न हम किसी सवाल का जबाब दें

तुम गड़े मुर्दे उखाड़ो, हम पुरानी बातें याद दिलायें

तुम हमें दो गालियां दो,हम तुम्हें चार गालियासुनाये

तुम कुछ ऐसा कहों कि लोग झूम झूम जायें

मैं भी कुछ ऐसा कहूं. कि लोग जी भर तालियां बजायें

तुम बहस कहीं और मोड़ो हम बहस कहीं और लेकर जायें

तुम अपनी ढपली बजाओ,हम अपना राग सुनायें

तुम भी लोगों को भरमाओ, मैं भी भरमाऊं

कभी तुम रहो काबिज, कभी मैं काबिज हो जाऊं

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