अपने आप में
सम्पूर्ण होती हैं स्त्रियां
शिव ने अर्धनारीश्वर का रुप धारण किया
क्योंकि वो जानते हैं कि
बिना आधा नारी हुए
पूर्ण पुरुष नहीं हुआ जा सकता
पुरुषों को ही अर्द्धनारी होना पड़ता है
पूर्ण होने के लिए
शायद इसीलिए
पुरुष कभी पूर्ण नहीं हो पाते
क्योंकि उन्हें आता ही नहीं है आधा नारी होना