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प्रेम


मैं भी प्रेम पर लिखता हूंतुम भी प्रेम पर कहती होपर मेरा लिखा मुझे सतही लगता हैतुम्हारा लिखा सब सही ,शायद इसलिएकि मैं बस लिखता हूंपर मैंने कभी प्यार नहीं कियाऔर तुमने प्यार किया है

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