ढूढ़ ले अब तूं कोई नया कारवां
निकल फिर किसी नये सफर पर ।
ढूंढ़ ले कदमों के लिए अपने नयी जमीं
अपनी उडा़नो के लिए नया आकाश ।
पुराने हो गये हैं अब सारे ख्वाब तेरे
तूं कुछ नये ख्वाब ले तराश ।
तुझे जिसकी जुस्तजू है ,क्या पता
उसे है भी कि नहीं तेरी तलाश ।


ढूढ़ ले अब तूं कोई नया कारवां
निकल फिर किसी नये सफर पर ।
ढूंढ़ ले कदमों के लिए अपने नयी जमीं
अपनी उडा़नो के लिए नया आकाश ।
पुराने हो गये हैं अब सारे ख्वाब तेरे
तूं कुछ नये ख्वाब ले तराश ।
तुझे जिसकी जुस्तजू है ,क्या पता
उसे है भी कि नहीं तेरी तलाश ।