कैलेण्डर पर साल बदलेगा

पर तारीखें और दिन फिर खुद को दोहरायेगें।

गुज़रे हुए पल मगर लौटकर फिर न आयेंगें

कुछ बिछड़े साथी गये जहां वहां से पलटकर फिर न आयेगें

मगर उम्र भर हमको याद आयेंगें, रुलायेंगें।

कुछ से हम रुठे,कुछ हमसे रुठ गये

कुछ को हमने भुला दिया कुछ हमें भूल जायेंगें।

कुछ ख्वाब पूरे हुए, कुछ टूट गये

टूटे हुए ख्वाबों को भूल, निगाहों में नये ख्वाब सजायेगें।

उम्मीदों के बुझते दिए को बुझने से बचायेंगें

नाकाम ,नाउम्मीद दिलों में उम्मीदों के नये दिये जलायेंगें।

कुछ हमको देगें तसल्ली कुछ को हम देगें तसल्ली

कुछ हमको आस बंधायेगें कुछ को हम नयी आस बंधायेगें।

कोई दिल से उतरेगा ,किसी को दिल में बसायेंगें

 कोई हमें अपने दिल से निकालेगा किसी के दिल में घर बनायेगें।

कोशिश करेगें कि नफ़रतें न फैलाएं

प्यार का पैगाम ही फैलायेंगें।

कुछ दूरियां मिटायेंगें, कुछ फासले घटायेंगें

किसी को याद करेंगें किसी को याद आयेंगें ।

पोंछ लेगें गर हो सका तो अश्क कुछ आंखों के

औरों के लबों पर दे तबस्सुम खुद भी मुस्करायेगें।