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मायूंसियां


जरा सोचो उनकी मायूसियों के बारे में जो कर रहे हैं हर मुमकिन कोशिशें सब जानें बचाने कीपर उनकी दिनों की कोशिशें नाकामयाब हो जाए,बस इसलिए कि वक्त पर न हवा मिली न दवा।

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