रेत पर लिख दें कुछ इबारतें
पानियों पर खींच दें कुछ लकीरें
हवाओं पर लिख दें कुछ पैगाम
खाली दिलों पे लिख दें कुछ गुस्ताख कहानियां
उदास लबों से भी गा दें कुछ शोख नगमेंं
जानबूझकर कर दें कुछ बेवकूफ नादानियांं
रास्तों पर छोड़ दे कुछ कदमों के निशान
गुलों से आबाद गुलशनों में भी
बिखरा दें कुछ. खुश्बुएं अपनी
कुछ मिल रहा छोड़ दें
या फिर कुछ जुड़ा हुआ तोड़ दें
या फिर कुछ टूटा हुआ जोड़ दें
कुछ टूट जाएं, कुछ बिखर जाएं
कुछ निखर जाएं, कुछ संवर जाएं
कुछ सिमट जाएं, कुछ विस्तार पाएं
कुछ जलें खुद ,कुछ औरों को
अपनी आग में जलाएं
कहीं चल पड़े किसी तलाश में
या फिर जहां हैं बस वहीं ठहर जाएं
पांव खींच लें पीछे या फिर आगे बढ़ जाएं
कर लेंं कुछ क्षमा याचनाएं
कर लें कुछ प्रार्थनाएं
सोचते रहें कौन क्या सोचेगा
या इससे कहीं आगे बढ़ जाएं
करते रहें कोरी भावुक कल्पनाएं
या सत्य करने के प्रयास मेंं जुट जाएं
आईना जो दिखाता है अक्स अपना
देखकर सिहर जाएं
उन सबके ख्वाब देखें
या फिरअपनी हकीकतों पर गौर फरमाएं
अजब सी पशोपेश है क्या करे किधर जाएं
कुछ और भरम पाले
और खुद को और भरमाएं
कि अब संभले और चुपचाप
अपना और तमाशा बनने से बचाएं
क्या फायदा आभासी दुनिया में
ऐसे संबंध पालने से जो अंत मेंं
सबको देकर जाये पीडा़ और वेदनाएं
जिसकी अपनी हैं सीमाएं

