कुछ चुप आवाजें
गूजती रही कानों में।
कुछ गुमशुदा चेहरे
उभरते रहे आंखों में।
कुछ खोये हुए नाम
अपना पता बताते रहे।
कुछ छूटे हुए रास्ते
बार बार बुलाते रहे।
कुछ टूटे हुए रिश्ते
दिल जलाते रहे।
कुछ भूले हुए ख्वाब
अक्सर याद आते रहे।
कुछ अधूरी ख्वाहिशें
रह रह कर मचलती रहीं।
कुछ दबे दबे खयाल
फिर से सर उठाते रहे।
कुछ गिले,कुछ शिकवे
जेहन में आते रहे।

