जुबां तक आई है's image
491K

जुबां तक आई है

जाने क्या क्या दर्द सहे इस दिल ने

तब जाके ये दास्तां जुबां तक आई है।


शोरोगुल से घबराकर हम ही भागे थे

अब जाने क्यूं डराती ये तन्हाई है।


क्या गिला औरों से सीने में भड़कते छुपे शोलों का,

Read More! Earn More! Learn More!