जिंदगी मेरी

 बीती तो क्या बीती

गुजरी तो क्या गुजरी

बिखरी तो क्या बिखरी

संवरी तो क्या संवरी

डूबी तो क्या डूबी

उभरी तो क्या उभरी

निखरी तो क्या निखरी

वो आये तो क्या आये

गये तो क्या गये

ख्वाब मेरे पूरे हुये तो क्या हुये

ख्वाब मेरे टूटे तो क्या टूटे

हसरतें मेरीं निकली तो क्या निकली

अरमान मेरेअधूरे रहे तो क्या रहे

मुझे प्यार मिला तो क्या मिला

मैं गया छला तो क्या छला

मैं जिन राहोंपर चला तो क्या चला

मैं आंधियों से लडा़ तो क्या लडा़

मैं कभी चुपचाप खड़ा रहा तो क्या खड़ामैं बसा तो क्या बसा

मैं उजड़ा तो क्या उजड़ामैं गया तो क्या गया

मैं आया तो क्या आया

मैं पिघला तो क्या पिघला

मैं जमा तो क्या जमा

मेरे सफर तो क्या सफर

मेरे दर्द तो क्या दर्द

मेरे आंसू बहे तो क्या बहे

मैने दुख सहे तो क्या सहे

मैं मौन रहा तो क्यों रहा

मैंने कुछ कहा तो क्यों कहा

मैने उदासियाँ ओढ़ीं तो क्यों ओढ़ींमैं हंसा तो क्यूं कर हंसा

मैने की नादानियाँ तो क्यों की

मैंने की गुस्ताखियां तो किस लिए

मैं अकेला चला तो क्यों चला

मैं भीड़ में भी भोगे एकाकीपन तो क्यों किसलिए