न जाने क्यों
जब बहुत कुछ पाना आसान होता है
चुन लेते हैं हम
सब कुछ खोना ।
चुनते हैं औरों के हिस्से की
पीड़ाएं ,दुख और रोना ।
जीवन के जटिल प्रश्न कहां सरल
किसे पता क्या अर्थ रखता है
किसके लिए
किसी का होना या न होना ।


न जाने क्यों
जब बहुत कुछ पाना आसान होता है
चुन लेते हैं हम
सब कुछ खोना ।
चुनते हैं औरों के हिस्से की
पीड़ाएं ,दुख और रोना ।
जीवन के जटिल प्रश्न कहां सरल
किसे पता क्या अर्थ रखता है
किसके लिए
किसी का होना या न होना ।