चलो दोस्तों और दोस्ती का इक गीत गाएं

दोस्त ऐसा जो तुम्हारे लिए कुछ भी कर जाए

कभी छीनकर तुम्हारे हाथ से कोई अच्छी चीज,

खुद ही खा ले अकेले अकेले

कभी खिलाकर अपने हिस्से का खाना

भूखा ही सो जाये

हो उखड़ा तुम्हारा मूड तो,

उखड़ा मूड बनाये

कभी बेबात खुद ही उखड़ जाये

कभी इस कदर मासूमियत से

बनाकर बैठे अपना चेहरा

कि बिन पता चले तुम्हें उल्लू बनाकर चला जाये

धूप में तुम्हारी छांव बन जाये

बारिशों में तुम्हें भीगने से बचाये

या कभी थोड़े भीगे होतो पूरा भिगाये

हो रुठकर बैठे तुम तो आकर तुम्हें मनाये

कभी बिन बात के खुद ही रुठ जाये

कभी आधी रात को तुम्हें नींद से जगाकर कहे

,पढ़ते पढ़ते थक गया हूं चल यार

जरा बाहर चाय पीकर आये

जब तुम बैठे हो निराश असफलताओं से

तो आकर तुम्हारा हौसला बढ़ाये

तुम्हारे सपनों को उड़ने के लिए

नये पंख दे जाये

करे शेयर तुमसे अपनी हर एक बात

सुख दुख में तुम्हें राजदार बनाये

दूरियों से ऐसी दोस्ती को क्या

जो रहती है दिल में घर बनाये

गर एक भी ऐसा यार है तुम्हारे जीवन में

तो समझो तुम्हारा जीवन सफल है

आओ फिर दोस्ती का ये गीत गायें

दोस्तों को याद करें उनको याद आयें