उठो तो सही

चलो तो सही  

जलो तो सही 

पिघलो तो सही 

तोड़ो खामोशियां 

बोलो तो सही 

बदलेगें ये मंजर भी 

तुम बदलो तो सही 

रास्ते खुद बखुद मिलेंगे 

जरा घर से निकलो तो सही