1 min read 789.8K reads

बेवजह


बेवजह बखेड़ा खड़ा करना यहां लोगों की आदत हैमेरे उसके दरमियाँ कोई बात नहीं कोई भी मुलाकात नहीं

कल बस जरा सा मैं उसकी गली से गुजरा तो थामैंने सर उसके छत की तरफ बस जरा उठाया तो था

Read more Earn more Learn more