जरुरी नहीं कि हर एहसास को अल्फ़ाज़ का लिबास पहनाया जाए,कभी कभी इम्तिहान-ऐ-इश्क़ छुपा होता है किसी की ख़ामोशी में!!
जरुरी नहीं कि हर एहसास को अल्फ़ाज़ का लिबास पहनाया जाए,
कभी कभी इम्तिहान-ऐ-इश्क़ छुपा होता है किसी की ख़ामोशी में!!