एक आदमी
बगिया से बहुत स्नेह था
रोज जाता,फूलों,पौधों,
रंगों व खुशबुओं से खेलता
लौटते,एक फूल तोड़
जेब में रख लेता
एक दिन बगिया ने
अपने दरवाजे बंद कर लिए
उस आदमी के लिए,
अब वो फूलों को दूर से
देख तो सकता है पर
उसे तोड़ अपनी
जेब में नहीं रख सकता
चोर कहलायेंगे
पर स्नेह सौगुनी आज भी


