दिल भी

ख्वाब भी

दस्तक भी

पर खामोशियाँ भी

क्या ऐसा भी होता है.?


अपने भी 

अपनापन भी

एहसास भी

पर तन्हाईयाँ भी

क्या ऐसा भी होता है.?


बादल भी

बरसात भी

शुष्क हवाएं भी

पर वीरानियाँ भी

क्या ऐसा भी होता है.?


मैं भी

तुम भी

मंजर भी

पर रुसवाईयाँ भी

क्या ऐसा भी होता है.?