जग सारा पण्डित बने, पढ़ कर चार किताब।जाना फिर भी ना कभी, मन का सरल सुभाव।।'s image
158K

जग सारा पण्डित बने, पढ़ कर चार किताब।जाना फिर भी ना कभी, मन का सरल सुभाव।।

जग सारा पण्डित बने, पढ़ कर चार किताब।

Tag: indi poetry और4 अन्य
Read More! Earn More! Learn More!