एकतरफा प्रेम ने मुझे हमेशा आकर्षित किया
ना किसी को परेशान किया मैने
ना किया कभी तंग
खुद ही कभी रो लिया
और खुद ही पाया उमंग
वो कभी दिखी नही मुझे, बस यादें साथ रहा करती थी
मुझे कभी फरक नही पड़ा,
वो भी मुझसे प्रेम करती थी या नहीं करती थी
इस सोशल मीडिया के जमाने में
मैने ना कभी कोई संदेश किया
सिर्फ आईडी खोली , खुश हुआ
आंख भर के देखा और , ना कभी चेज किया
सामने जब भी वो आई, मैने पलके झुका ली थी
हर बार बात करने का जी किया था बहुत
पर मैने हल्की मुस्कान के साथ, होठ को दबा ली थी
अब वो कहा है, मुझे पता नहीं
ना उसे पाने का शौक था कभी, नही मिली तो भी कोई खता नही
बस इसीलिए
एकतरफा प्रेम ने मुझे हमेशा आकर्षित किया।

