चाहता हूं उतारना इस कागज़ पर

उन आंखों की चमक जिन आंखों में

तू आज भी बस ती हैं,


चाहता हूं लिखना मैं उस हसी के बारे में

जो हसी तू आज भी हस्ती हैं,


यहां कुछ भी झूठ नहीं यहां कुछ सच नहीं

ये मेरे दिल की एक छोटी सी ख्वाहिश हैं

ये ख्वाहिश सच्ची हैं।

~Akrit


My blogs-

akritwrites.blogspot.com

akritwrites.medium.com