इन अंधेरों में जीवन कटेगा कैसे कहीं से रोशनी तो लाइए,
जो जले बस दिल की लौ से ऐसी कोई मोमबत्ती जलाईए,
ये बातें अब झूठी लगती हैं इन को सच मान ने कि कोई वजह बताइए,
थोड़ी हमने करली आज थोड़ी मेहनत आप भी करके दिखाईए,
ये दुनिया जिसको सब सही मानते हैं आप इसकी विचारधारा का विरोध करके बताइए,
ये बातें तो बहुत होती रहेगी कोई ठोस मुद्दा या सबूत हो तो दिखाईए,
वो आदमी नाकारा हैं उससे कोई काम करवा कर दिखाईए,
ऐसा कोई बदलाव आप आज लोगो के जीवन में लाकर बताइए,
ये कैसी हो चुकी हैं लोगो की सोच इस सोच को बदल लिए और लोगो को सही चीज सिखाइए,
एक बदलाव की ऐसी उम्मीद आप इस नगर में लाइए,
वो अंधे भेरो की तरह लगे हैं भेड़ चाल में उनको सही राह दिखाईए,
इस अंधो की दुनिया में आज आप लोगो को सच्चाई की चश्मा पहनाइए।
~Akrit
Originally posted on my blog- akritwrites.blogspot.com


