उंगलियों को उंगलियों पे अब भरोसा ना रहा उठती देख उंगली किसी पे अंगूठा रुष्ठ हो गया वो वापस मेरे पास आ गया कहने लगा मुझसे इसको किसने ये अधिकार दिया? किसी पे ऊँगली उठाने से पहले ये तू जरूर सोच ले गर किसी पे उठी उंगली तो पहले अपनी और ध्यान दे गर तारीफ करें किसी कि तो खूब खुल कर करो क्यूकि अंगूठा उठने से पहले सभी उंगलियों को दबा ले!! ®आकिब जावेद