मुद्दतो बाद ऐसे मेरा दिल अब मचल जाए उनकी नज़रो को देखकर जान निकल जाए बेकरारी ही बेकरारी छाई दिल में मेरे बेबसी से मेरे कँही ये दिन ना ढल जाए खो गए हम यूं उनकी यादो में ख्वाबो में हकीकत में पा कर अब वो सम्भल जाए मुस्कुराहट उनकी दिल को घायल किये देती है बस उनका चेहरा सोच कर दिल मचल जाए कोई ग़म था दिल में भरा यूँ मेरे उम्र भर मौत मेरे सामने हो,बाँहो में दम निकल जाए हमसफ़र रहा,हमराही रहा,हमनशी भी था क्यू कर यादो में ही खोए की दिल पिघल जाए ये मोहब्बत के रस्मो रिवाज,ये वस्ल की तड़प कंही मिलने के आस में ही ये दिल उछल जाए।।