
राब्ता ना सही सिपेसालर के साथ
हमको तो साथ चाहिए अपने यार के साथ
होगी कूछ मजबूरियां शायद उनकी
तभी तो मुश्किल हैं सुबह उनके दीदार के साथ
पर्दा गर हटा ले तो हो जाये दीदार अब
ना मुश्किल हो मेरी मौत इस हाल के साथ
याद
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