तिश्नगी को यूं अपने दिल में समाये छिपी रोशनी में तेरी बेरुखी दिखी हैं दिल्लगी को अपने दिल में बसाये सुनने वालो के लिये सब शायरी हैं बेकसी सी हैं कुछ दिल में मेरे दिल के हाल सब डायरी में लिखी हैं एक रौशनी की उम्मीद तेरी दिखी हैं इस जिंदगी में तेरी आशिकी लिखी हैं मुस्कुराये और हंस भी ना पाये सुनने वालों के लिये बस शायरी हैं नशा सा कुछ उनकी यादो का समाया सुनने वालों के लिए बस शायरी हैं ख़ामोश लबो पर सिर्फ़ नाम तेरा तुझे पाने की एक उम्मीद जगी हैं!!