रहा उम्र भर फ़क्त सिर्फ तेरा इंतज़ार सब भर ना सोए कभी यूँ तन्हा रहे मासूमियत भरी थी उनकी वफ़ाओं में बेवफ़ाई से यूँ दिल कभी टूटा ना था चाहतो ने उनके हमको हंसाया रुलाया हर सितम उनके हम यूँ ऐसे सहते रहे