अपनी गलती को ढकने की कोशिश की नज़रो से सब की छिपने की कोशिश की।। चाँद भी अब यूँ  चाँदनी में खो गया मैंने जब तारे गिनने की कोशिश की।। वक्त के सिरहाने से अब कुछ खो गया हमने ज़िन्दगी को तपने की कोशिश की।। ख़्वाबो में हमको देखकर वो ऐसे इतराए वो हमको नज़रो से ठगने के कोशिश की।। धड़कन जो धड़कती रही दिल में धक धक अपनी चाहतो को लिखने की कोशिश की।। इश्क में सिर्फ एक रिवायत होनी चाहिए महबूब के दिल में बसने की कोशिश की।। हवा का झोख़ा आया मेरे सफ़ीने में ज़िन्दगी को थमने की कोशिश की।। लख्ते ज़िगर मेरा,मेरा शरमाया भी वो दिल में बसकर डसने की कोशिश की।। सब मौसम की रंगत यूं तेरे होने से ही है रंगों को बदलकर लूटने की कोशिश की।। इक भूलभुलैया रही,तेरे नैन कटारी में इन नैनो में  खो जाने की कोशिश की।। सारी उम्र गुज़ारी आकिब" वजूद ढूढ़ता रहा सच इश्क की राह में चलने की कोशिश की।।