
अपनी गलती को ढकने की कोशिश की
नज़रो से सब की छिपने की कोशिश की।।
चाँद भी अब यूँ चाँदनी में खो गया
मैंने जब तारे गिनने की कोशिश की।।
वक्त के सिरहाने से अब कुछ खो गया
हमने ज़िन्दगी को तपने की कोशिश की।।
ख़्वाबो में हमको देखकर वो ऐसे इतराए
वो हमको नज़रो से ठगने के कोशिश की।।
धड़कन जो धड़कती रही दिल में धक धक
अपनी चाहतो को लिखने की कोशिश की।।
इश्क में सिर्फ एक रिवायत होनी चाहिए
महबूब के द
Read More! Earn More! Learn More!
