रंजो गम की दुनिया में वो मेरे महफ़िल में हैं
लाख छुपाये प्यार मुझसे वो मेरे दिल में हैं।।
हालात लाख मुश्किल सही यूं राब्ता तो रख
हाथो में हाथ हैं साथ अब नज़र मंजिल में हैं।।
जुगनुओं की तरह आसमाँ में चमकूँगा तो मैं
जिंदगी में काम आऊँ,वसवसे में शामिल में हैं।।
आँखों से बेसबब बह गया फ़ितरत हैं उसकी
अश्क़ का कतरा अब कहाँ मेरे हासिल में हैं।।
हौसला साहिलों का देख समंदर भी उतर गया
लहरों का काफिला अब कितने मुश्किल में हैं।।