फूल's image
बगिया से फूल तोड़कर देखो माली आ गया था, फूलो के बीच देखो, कितना रोष छा गया था! काँटो के सेज में भी रहकर, वो कितना खुश था! माली ने तोड़कर उसे प्रभु में चढ़ा दिया था! खुश ना हुआ वो फूल, प्रभु की चरणों में चढ़कर भी, क्यू कि सारी बगिया से, वो जुदा हो गया था! बगिया से अलग होकर, कभी गया वो देवालय, कभी गया वो वेश्यालय! कभी नेता का हार बना वो, कभी अभिनेत्री का गहना! हर ज
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